Orissa Public Demand Recovery Act 1914 Pdf In Hindi ((exclusive)) | Bihar And

सरकारी बैंकों या अधिसूचित वित्तीय संस्थानों द्वारा दिया गया ऐसा ऋण, जिसे सरकार ने वसूलने की जिम्मेदारी ली हो।

नोट: चूँकि यह एक औपनिवेशिक कानून है, इसका हिंदी संस्करण अक्सर राज्य सरकार के राजस्व विभाग के पोर्टल या स्थानीय कानूनी प्रकाशकों द्वारा प्रदान किया जाता है।

अगर आप इस एक्ट की हिंदी में विस्तृत जानकारी चाहते हैं, या खोज रहे हैं, तो यह लेख आपके लिए ही है। यहाँ हम इस एक्ट के इतिहास, मुख्य धाराएँ, वसूली की प्रक्रिया, और PDF डाउनलोड लिंक के बारे में चर्चा करेंगे।

4. वसूली की प्रक्रिया (Procedure of Recovery) या खोज रहे हैं

बकायेदार की चल और अचल संपत्ति को कुर्क करना।

विभिन्न प्रकार के लोक बकायों को एक ही कानून के तहत लाना।

इस अधिनियम की आधिकारिक और अनुवादित प्रति (Copy) प्राप्त करने के लिए आप निम्नलिखित तरीकों का उपयोग कर सकते हैं: वसूली की प्रक्रिया

बकायेदार के खिलाफ प्रमाणपत्र दाखिल किया जाता है।

- सबसे प्रामाणिक।

जब कोई व्यक्ति सार्वजनिक मांग का भुगतान करने में विफल रहता है, तो संबंधित विभाग सर्टिफिकेट ऑफिसर के समक्ष एक मांग पत्र दाखिल करता है। या खोज रहे हैं

यह अधिनियम (जिसे अक्सर "PDR Act" के रूप में भी जाना जाता है) सार्वजनिक बकायों की वसूली को सरल और त्वरित बनाने के लिए 'सर्टिफिकेट प्रोसीजर' (Certificate Procedure) प्रदान करता है। इसका अर्थ है कि सरकार को बकायों के लिए सामान्य दीवानी अदालतों (Civil Courts) में वर्षों तक मुकदमा लड़ने की आवश्यकता नहीं है, बल्कि वे एक विशेष 'सर्टिफिकेट ऑफिसर' (Certificate Officer) के माध्यम से वसूली कर सकते हैं। मुख्य उद्देश्य:

जब कोई राशि बकाया होती है, तो संबंधित विभाग का अधिकारी सर्टिफिकेट ऑफिसर के पास एक मांग पत्र भेजता है। सर्टिफिकेट ऑफिसर संतुष्ट होने पर एक 'सर्टिफिकेट' तैयार करता है और उसे अपने कार्यालय में दर्ज करता है।

'पब्लिक डिमांड' (सार्वजनिक मांग) का क्या अर्थ है?

1. अधिनियम का उद्देश्य (Purpose of PDR Act 1914)